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helmet

हेलमेट सुरक्षा की एक एक ऐसी जरूरत है, जिसे ज्यादातर टूव्हीलर राइडर सीरियसली नहीं लेते. बावजूद इसके कि इसे पहनने से हम अपने जीवन को एक बहुत बड़े खतरे से बचाते हैं, हम इसे ऐसे पहनते हैं, जैसे कि मजबूरी में पहनना पड़ रहा हो. ट्रैफिक पुलिस की सख्ती से बचना हो तो हेलमेट पहन लिया, जहाँ मौका लगा, उतारकर हैंडल में लटका लिया…. ये है हमारी सोच.

बहरहाल, सच तो यह है कि सख्ती या मजबूरी जैसी कोई नौबत ही नहीं आनी चाहिए. सिर की सेफ्टी एक ऐसी जरूरत है, जिसे इग्नोर नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि गर जान है तो जहान है. अगर आप सड़क दुर्घटनाओं में मरने वाले टूव्हीलर राइडर्स के आंकड़ें देखें तो पता चलेगा कि सबसे ज्यादा मौत हेड इंजरी की वजह से ही होती हैं. अगर आपने अभी तक हेलमेट को अपनी बाइक या स्कूटी का हिस्सा नहीं बनाया है तो आज ही बनाइए.

अगला सवाल यह है कि एक अच्छा और ज्यादा सेफ हेलमेट कैसा होना चाहिए? तो कुछ टिप्स यहां हाजिर हैंः

सबसे पहली समस्या आती है, सही साइज के सलेक्शन की. नाॅर्मली हेलमेट स्माल से एक्स्ट्रा लार्ज तक कई साइजों में मिलते हैं. आपके सिर का साइज क्या है? यह जानने के लिए एक टेलर टेप लीजिए और अपने कानों के ऊपरी हिस्से से सिर के बीच वाली जगह में से गुजारते हुए आई-ब्रो से करीब हाफ इंच ऊपर रखते हुए पूरे सिर का नाप लीजिए. फीता बीच से कहीं मुड़ा या ऊपर नीचे नहीं हो. एकुरेट मेजरमेंट के लिए इसमें आप अपने किसी फ्रेंड या फेमिली मेंबर की हेल्प ले सकते हैं.
मेजरमेंट पता करने के बाद इस चार्ट को स्टडी कीजिए और देखिए कि आपके लिए कौन सा हेलमेट फिट रहेगाः
1. 51-52 सेमी. एक्सएक्स-स्माल
2. 53-54 सेमी. एक्स्ट्रा स्माल
3. 55-56 सेमी. स्माल
4. 57-58 सेमी. मीडियम
5. 59-60 सेमी. लार्ज
6. 61-62 सेमी. एक्स्ट्रा लार्ज
7. 62-63 सेमी. एक्सएक्स-लार्ज

साइज के बाद बारी आती है, शेप की. सभी कंपनियां इसे अट्रेटिक्टव बनाने के लिए इसे तरह-तरह के शेप देती हैं. लेकिन, आपको जिस चीज का ध्यान रखना है, वह यह है कि क्या इसमें नीचे दिए गए इम्पोर्टेंट फीचर्स में से कोई मिसिंग तो नहीं है?
1. हार्ड आउटर शेल, जो हेलमेट का बाहरी हिस्सा है और हेलमेट का अंदर का साॅफ्ट कुशन जैसे मैटेरियल की पैडिंग, जिसे वेस्ट कहते हैं. शेल और वेस्ट के बीच इम्पेक्ट आॅब्जर्वर होता है, जो आपके हेड को किसी भी बाहरी मार से प्रोटेक्ट करता है.
2. विजर यानी हेलमेट के सामने वाला हिस्सा, जो ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक से बना होता है. यह आपकी आंखों को ड्राइविंग के दौरान धूल-मिट्टी और कीड़ों से प्रोटेक्ट करता है और तेज सनलाइट से भी बचाता है.
3. फेस प्रोटेक्टर, जो आपके जबड़े और ठोड़ी को प्रोटेक्शन देता है और चिनस्ट्रेप, जिससे आप हेलमेट को अपने सिर पर बांध सकते हैं, ताकि वह ड्राइविंग के दौरान हिल-डुल कर आपको डिस्टर्ब न करे.
4. वेंटिलेशन अरेंजमेंट, यह आपको फेस प्रोटेक्टर के चिन और लिप के सामने वाले पोर्शन में से और विजर की एज के बाहर से ब्रीदिंग और बोलने-सुनने की सहूलियत देता है.

क्वालिटी
हेलमेट की क्वालिटी एन्श्योर करना बहुत जरूरी है, क्योंकि अनब्रांडेड और नकली आईएसआई मार्क वाले हेलमेट बाजार में बहुतायत में एवेलेबल हैं, जो जरूरत के वक्त धोखा दे सकते हैं. इसलिए वेलनोन कंपनियों के ब्रांडेड हेलमेट ही खरीदें, जिनके बारे में आपको आसपास की ट्रस्ट वाली आटोमोबाइल या एसेसरीज शाॅप अथवा पहले से हेलमेट यूज कर रहे परिचितों से सही जानकारी मिल सकती है.

फिटिंग
जब आप एक नया हेलमेट पहनते हैं तो इसे स्लाइटली टाइट होना चाहिए. इसका इंटीरियर पोर्शन आपके हेड के मैक्सिम हिस्से के काॅन्टेक्ट में होना चाहिए, लेकिन इसका स्कल या फेस के किसी भी पाॅइंट पर इतना दबाव भी नहीं होना चाहिए कि वह पेनफुल लग रहा हो. बस यह हेड के इर्द-गिर्द ईजीली मूव नहीं होना चाहिए. कुछ दिनों में यह राइडर के हेड के हिसाब से एडजस्ट हो जाता है और थोड़ा सा ढीला हो जाता है. इसे सिर पर इस तरह से बैठना चाहिए कि इसके विजर या आईपोर्ट के अपरएज को आपकी आई-ब्रो से ऊपर होना चाहिए और आप इसमें से लेफ्ट या राइट साइड में से देख पा रहे हों. इसके बाद आप हेलमेट इंटीरियर और अपने हेड के बीच एक फिंग रखिए. यदि यह आसानी से इसमें फिट हो रही है तो स्मालर साइज ट्राई करना चाहिए. कुछ हेलमेट बेटर फिटिंग के लिए चीक पैड्स को एडजस्ट करने की फेसिलिटी से युक्त होते हैं. प्राॅपर साइजिंग के लिए इसका भी ध्यान रखें.

लुक
मार्केट में कई तरह के लुक वाले हेलमेट होते हैं. बेशक लुक का नंबर साइज, शेप और फिटिंग के बाद ही आता है और कलर और पैटर्न आदि के मामले में यह खरीदने वाले की पर्सनल चाॅइस पर डिपेंड करता है. लेकिन, इसका कलर जितना ब्राइटर और ईजिअर टू सी होगा, राइडर की विजिबलिटी भी उतना ही ज्यादा हो जाएगी, तो एडीशनल सेफ्टी प्रोवाइड कराता है. फेसशील्ड को ऐसा होना चाहिए कि वह राइडर की विजन को कम न करे, टिंटेड विजर का यूज बहुत ज्यादा धूप के दिनों में ही किया जाना चाहिए.

इन शाॅर्ट एक आईडियल हेलमेट वही है, जो राइडर को कम्फर्ट और सेफ्टी दोनों ही प्रोवाइड कराए. क्योंकि अगर वह कम्फर्टेबल नहीं है तो इससे आपकी सेफ्टी भी प्रभावित होती है. इसलिए हेलमेट खरीदते हुए बहुत सावधानी बरती जानी चाहिए.

संदीप अग्रवाल

 

 

 

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