sirf sach…nothing else !

Mission MoJo

mission mojo

दोस्तों,
अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क के प्रोजेक्ट मिशन मोजो (मोबाइल जर्नलिस्ट) प्रोग्राम में आपका स्वागत है. अगर आपने www.aks24x7.tv को पिछले कुछ दिनों में विजिट किया है तो इतना अंदाजा आपको जरूर लग गया है कि इस पर दी जाने वाली ज्यादातर कंटेंट में छोटे और मंझोले शहरों तथा गाँवों को, वहाँ के जीवन को और लोगों को केंद्र में रखा गया है, जिन पर अमूमन मेन स्ट्रीम मीडिया में ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती.
आज इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक सूत्र में बाँध दिया है तो छोटी जगहों को इससे क्यों दूर रहना चाहिए. अक्स अनसुनी आवाजों को, अनदेखे दृश्यों को दुनिया के सामने लाने की कोशिश है. यह कोशिश ऐसी जगहों पर सकारात्मक बदलाव  लाने और विकास की राह आसान करने में काफी सहायक हो सकती है.

टेलीविजन और न्यूजपेपर जैसे ट्रेडीशनल मीडिया के बीच मोबाइल जर्नलिज्म एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है. बीते सालों में कई ऐसी शानदार खबरें आम लोगों के बीच से आई हैं, जिन तक पहुँचना शायद किसी भी मीडिया हाउस के लिए पाॅसिबल नहीं था. चाहे वह दिल्ली में टाइगर के पिंजड़े में गिरे नौजवान का वीडियो हो या पिकनिक मनाते हुए झरने में बह जाने वाली इंदौर की लड़कियों का…ऐसी दर्जनों वीडियोज हैं, जो सिर्फ मोबाइल की वजह से ही पाॅसिबल हो पाई हैं. कहना गलत न होगा कि  कन्वेंशनल जर्नलिस्ट वहाँ मौजूद होता है, जहाँ खबर होती है. लेकिन एक मोबाइल जर्नलिस्ट जहाँ होता है, वहीं खबर होती है.

लेकिन, क्या आप इनमें से किसी भी खबर का वीडियो बनाकर भेजने वाले का नाम जानते हैं? उन्हें अपने शानदार काम का कोई क्रेडिट नहीं मिलता और न ही इससे उन्हें कैरियर या आगे बढ़ने में कोई मदद मिलती है. ‘अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क ‘ पत्रकार बनने के इच्छुक व्यक्तिओं के लिए एक खास तरह का मोबाइल जर्नलिज्म ट्रेनिंग प्रोग्राम  लेकर आया है. इससे जुड़ें और पत्रकार बनकर प्रसिद्धि, इज्जत व समाज में एक खास जगह हासिल करें. इसके अलावा आप हमारी विभिन्न पार्टनिरशिप योजनाओं से जुड़कर, अपने लिए नियमित आय का एक स्रोत भी विकसित कर सकते हैं.

आइए, जानें कि अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क से जुड़कर आप किस तरह नाम और पैसा कमाते हुए हमारे लाभ में हिस्सेदार बन सकते हैं.
चैनल पार्टनर की भूमिका और फायदे
चैनल पार्टनर अपने शहर में अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क को रिप्रेजेंट करेंगे. इन्हें अपने शहर के लोगों, यहाँ की हलचल, समस्याओं, खूबियों आदि से संबंधित खबरें और फीचर्स हमें भेजने होंगे और हर माह कम से कम पाँच मंथली या दस वीकली विज्ञापन लेने होंगे, जिन पर उन्हें बीस प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा. लेकिन, अगर वे खबर और विज्ञापन दोनों देते हैं, तो यह कमीशन बढ़कर तीस प्रतिशत हो जाएगा.
इन विज्ञापनों की रेगुलर मंथली फीस पाँच हजार रुपए और वीकली फीस दो हजार रुपए है. लेकिन, अभी हमारी प्रमोशन योजना में,  मंथली फीस तीन हजार रुपए और वीकली फीस एक हजार रुपए रखी है. वीकली एडवर्टाइजमेंट ऐसे लोगों के लिए उपयोगी होते हैं, जिनका विज्ञापन ज्यादा दिन के लिए नहीं होता, जैसे कि कोई सेल, कैम्प, वर्कशाॅप, समर कोर्स, कोई शो वगैरह. मान लीजिए कि आप हर माह पाँच मंथली और पाँच वीकली एड लाते हैं और इन्हें अपनी खबरों के साथ लगवाते हैं तो आपको इनसे मिलने वाली फीस बीस हजार रुपए पर छह हजार रुपए की मंथली इंकम होगी, जो आपके द्वारा लाए गए विज्ञापनों की संख्या के आधार पर बढ़ती जाएगी.
विज्ञापन का एक अन्य रूप एडवर्न्यूज का होगा. यानी ऐसे विज्ञापन जो खबरों के रूप में www.aks24X7.tv पर एक माह तक दिखाए जाएंगे. इनकी फीस पाँच हजार रुपए रखी गई है. इसमें एडवर्टाइजमेंट देने वाले का फोटो या वीडियो, या दोनों दिए जा सकते हैं. इस तरह की खबरों पर चालीस प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा.
इसके अलावा हमारे चैनल पार्टनर हमारे तथा हमारे ट्रेड एसोसिएट्स के दूसरे उत्पादों और सर्विसेज (जैसे काॅन्टेस्ट पार्टिसिपेशन फीस, बुक्स, क्लब मेंबरशिप आदि ) की बिक्री से होने वाली आय पर भी आकर्षक कमीशन (दस से चालीस प्रतिशत) पाने के हकदार होंगे.
हर माह सबसे ज्यादा एडवटाईजमेंट देने वाले चैनल पार्टनर को अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क की ओर से एक सरप्राइज गिफ्ट दिया जाएगा.
सभी चैनल पार्टनरों को हमारी ओर से तीन माह की वेलिडिटी द्वारा टेम्परेरी आईडी कार्ड दिया जाएगा. इन तीन माह में जो लोग मिनिमम रिक्वायरमेंट को पूरा करने में सफल रहेंगे, उनके कार्ड को एक साल की वेलिडिटी वाले कार्ड से रिप्लेस कर दिया जाएगा. एक साल वाले कार्ड पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्मार्टफोन से स्कैन करने पर वह www.aks24X7.tv  पर मौजूद उसके आॅनलाइन प्रोफाइल से जुड़ा होगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि कोई आपके कार्ड की नकल कर उसे इस्तेमाल न कर सके.
यदि कोई चैनल पार्टनर समझता है कि वह न्यूज कलेक्ट करने के लिए समय नहीं निकाल सकता, तो वह अपने इलाके में मौजूद हमारे न्यूज पार्टनरों की मदद ले सकता है, जिनकी सूची उसे उपलब्ध करा दी जाएगी. वह चाहे तो अपने स्तर भी ऐसे न्यूज पार्टनर जोड़ सकता है, जो उसके बिहाफ पर खबरें लाने का काम कर सकें.
खास बात, हर चैनल पार्टनर को पहला मंथली एडवर्टाइजमेंट लाने के बाद निर्धारित कमीशन के अलावा, अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क की ओर से एक फ्री मीडिया किट भी भेजी जाएगी, जिसका इस्तेमाल वे अपने काम को और बेहतर बनाने में कर सकते हैं.
 
न्यूज पार्टनर की भूमिका व फायदे
मोबाइल जर्नलिज्म की ट्रेनिंग से जुड़े ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो पत्रकारिता को एक प्रोफेशन से ज्यादा एक मिशन मानते हैं और शौकिया तौर पर पत्रकारिता करते हुए इसके जरिए समाज और लोगों का भला करना चाहते हैं. ऐसे लोगों का  भी अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क स्वागत करता है और उनकी निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रमाणिक खबरों कोwww.aks24X7.tv  पर पब्लिश कर के हमें खुशी होगी. फिलहाल, न्यूज पार्टनर के लिए हमारी ओर से कोई पेमेंट की व्यवस्था नहीं है, लेकिन इन्हें प्रोत्साहन देने के लिए ऐसे न्यूज पार्टनर्स को नकद इनाम देंगे, जिनकी सबसे ज्यादा खबरें हमारे पोर्टल पर पब्लिश होंगी. इनाम की राशि का निर्धारण बाद में किया जाएगा. खबरों का छपना, उनकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर निर्भर करता है. सभी न्यूज पार्टनरों को, जब वे हमसे अलग होना चाहेंगे, उनके तब तक के काम के लिए हमारी ओर से एक्सपीरिएंस सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो उन्हें बाद में कैरियर बनाने में सहायक सिद्ध हो सकता है.
न्यूज पार्टनर यदि चाहें तो हमारे एडवर्न्यूज प्रोग्राम के तहत भी खबरें भेज सकते हैं. एडवर्न्यूज यानी ऐसे विज्ञापन जो खबरों के रूप में www.aks24X7.tv  पर एक माह तक दिखाए जाएंगे. इनकी फीस पाँच हजार रुपए रखी गई है. इसमें एडवर्टाइजमेंट देने वाले का फोटो या वीडियो, या दोनों दिए जा सकते हैं. इस तरह की खबरों पर न्यूज पार्टनरों को चालीस प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा.
यदि न्यूज पार्टनर विज्ञापन भी लाना चाहते हैं, तो इसके लिए कोई मनाही नहीं है. उनके लाए विज्ञापनों पर उन्हें निर्धारित कमीशन दिया जाएगा.
न्यूज पार्टनर अगर अपने शहर में मौजूद हमारे चैनल पार्टनरों के साथ जुड़कर काम करना चाहते हैं, तो उन्हें उनकी सूची दी जाएगी. वे उनसे सम्पर्क कर आपसी सहमति से आय में अपनी हिस्सेदारी तय कर सकते हैं, इसमें अराइजिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट नेटवर्क का कोई रोल नहीं होगा.
चुने हुए न्यूज पार्टनरों को, हमारी ओर से तीन माह की वेलिडिटी द्वारा टेम्परेरी आईडी कार्ड दिया जाएगा. इन तीन माह में, उनका काम देखने के बाद, उनके कार्ड को एक साल की वेलिडिटी वाले कार्ड से रिप्लेस कर दिया जाएगा. एक साल वाले कार्ड पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्मार्टफोन से स्कैन करने पर वह अक्स 24/7 पर मौजूद उसके आॅनलाइन प्रोफाइल से जुड़ा होगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि कोई आपके कार्ड की नकल कर उसे इस्तेमाल न कर सके.
विज्ञापन की जरूरत क्यों है 
किसी भी मीडिया प्रोडक्ट, चाहे वह अखबार हो, टीवी चैनल हो या वेब पोर्टल… विज्ञापन उसके अस्तित्व की रीढ़ होते हैं और इनके बिना उसका लंबे समय तक बचे रहना लगभग नामुमकिन ही होता है. हम भी इसका अपवाद नहीं है. मिशन मोजो का मकसद, ऐसी जगहों पर अपने चैनल पार्टनरों का एक विशाल नेटवर्क बनाना है, जो खबरों के साथ-साथ विज्ञापन जुटाने में भी हमारी मदद कर सकें.
विज्ञापन का आकार
अमूमन न्यूज के साथ दिए जाने वाले विज्ञापन की चौड़ाई आठ इंच और ऊंचाई पाँच इंच होगी. एडवर्न्यूज के मामले में लगभग 300-400 शब्दों में विज्ञापनदाता के बारे में लेख लिख सकते हैं. जरूरत के हिसाब से शब्द संख्या बढ़ाई भी जा सकती है.
विज्ञापन का मैटर
एक चित्र जो होरीजोंटल या वर्टिकल हो सकता है और उस वस्तु या सेवा की संक्षिप्त जानकारी ( विज्ञापन देने वाली संस्था का नाम, आॅफर, उत्पाद या सेवा की खूबियां आदि) होनी चाहिए. शुभकामना संदेशों में संदेश शुभकामनाएं देने वाले व्यक्ति या संस्था के चित्र के साथ प्रकाशित किए जाएंगे.
विज्ञापन कब, कहाँ और कैसे आएगा
जिस शहर का विज्ञापन होगा, वह प्रतिदिन उस शहर की खबरों के साथ दिखाया जाएगा. एक खबर के साथ 5 से 10 विज्ञापनों की स्लाइड होगी, जो रैंडमली एक के बाद एक दिखते रहेंगे.
विज्ञापन के लिए लोगों का चयन कैसे करें
इसके लिए तीन चीजों की जरूरत होती है. एक, काॅमन सेंस… दूसरी, होमवर्क और तीसरी, प्राॅपर स्टर्टजी
काॅमन सेंस के जरिए आप विचार करते हैं कि आपके शहर के कौन-कौन से लोग विज्ञापन दे सकते हैं. जरूरी नहीं कि उन्होंने पहले कभी किसी को विज्ञापन दिया हो. हो सकता है कि अभी तक कोई उनके पास विज्ञापन के लिए गया ही न हो. ऐसे विज्ञापनदाताओं में स्कूल, हाॅस्पिटल, कोचिंग सेंटर, आॅटोमोबाइल शाॅप, मोबाइल स्टोर, डिपार्टमेंटल स्टोर, रेस्टोरेंट, स्वीट शाॅप, रेडीमेड गारमेंट शाॅप, लोकल ज्वैलर्स, कोआॅपरेटिव बैंक, ट्रैवल एजेंसियां, सोशल वर्क करने वाली संस्थाएं वगैरह कुछ  भी हो सकते हैं.
होमवर्क का मतलब ऐसे लोगों की जानकारी रखना है, जो अक्सर या नियमित रूप से विज्ञापन देते हैं. पिछले एक महीने के लोकल अखबार उठाइए और ऐसे विज्ञापनदाताओं की लिस्ट बनाइए, जो आपके शहर में हैं और विज्ञापन दे रहे हैं. इसके अलावा आप अखबार में पम्फलेट डालकर एडवर्टाजमेंट करने वालों को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. नियमित रूप से इनके सम्पर्क में रहिए और इनसे, इनके परिवार से, जिन संस्थाओं से ये जुड़े हैं, इस सबसे संबंधित खबरें लेते और छपवाते रहिए. इससे आपके संबंध अच्छे होंगे और आप इनसे विज्ञापन के लिए अनुरोध कर सकते हैं.
प्राॅपर स्टर्टजी अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी है. एक बेहद पुरानी कहावत है कि दुनिया में सबसे मुश्किल काम है, किसी की पाॅकेट से पैसा निकालना. लेकिन, अगर हम सामने वाले को उसके फायदे महसूस कराने में सफल होते हैं तो यह सबसे आसान काम भी हो जाता है. आप जिस विज्ञापनदाता के पास जाते हैं, उसे यही समझाना है कि कम्पटीशन के इस दौर में विज्ञापन बेहद जरूरी है. उसे यह भी बताइए कि डिजीटल मीडिया हैंडी होने के कारण हर समय लोगों की पहुँच में रहता है. इसलिए अगर वह इस माध्यम से अपने किसी प्राॅडक्ट या सर्विस का विज्ञापन करे वह किसी भी समय, अपने प्रास्पेक्टिव कस्टमर तक पहुँच सकता है, हर समय उसके करीब रह सकता है और कस्टमर अपनी सुविधा से कभी भी उसका विज्ञापन देख सकता है, उस पर रिस्पाॅन्स दे सकता है. अगर वह कहे कि उसे एड ही देना होगा तो वह अखबार या टीवी चैनल पर देगा तो उसे समझाएं कि डिजीटल मीडिया पर दिया गया एड कम खर्चे में ज्यादा समय तक बना रह सकता है. जबकि अखबार और टीवी चैनल पर दिए जाने वाले एड के लिए उसे दिन और सेकेंड्स के हिसाब से भुगतान करना पडे़गा.
अगर उसका काम पहले से ही काफी फला-फूला हुआ है तो उसे अपने मौजूदा कस्टमर्स को बनाए रखने के लिए विज्ञापन देना अच्छा है और अगर काम कम चल रहा है तो उसे बढ़ाने के लिए विज्ञापन देना फायदेमंद रहेगा. आप उसे बता सकते हैं कि आप उसका विज्ञापन एक पम्फलेट जितनी लागत में पूरे महीने तक अपने पोर्टल पर चलवाएंगे. इतना सस्ता विज्ञापन देने का मौका उसे और कहाँ मिलेगा. अगर वह फिर भी दिलचस्पी न ले तो आप उसे इशारों में बता  सकते हैं कि वहाँ से उठकर आप उसके कम्पटीटर के पास जाने की सोच रहे हैं. नेगोशिएशन इस स्टर्टजी का एक और इम्पोर्टेंट पार्ट है. आप उसे कह सकते हैं कि अगर वह तीन महीने के लिए एडवर्टाइजमेंट करता है तो आप उसे दस पर्सेंट कम कीमत में दे देंगे. आपका कमीशन घट सकता है, लेकिन तीन महीने के लिए एड मिलने से यह रकम काफी अच्छी हो जाएगी.
एडवर्न्यूज कौन-कौन दे सकते हैं. 
कुछ लोग सीधे विज्ञापन देने में विश्वास नहीं करते. लेकिन, चाहते हैं कि उनके बारे में कुछ  अच्छा मीडिया में आए. ऐसे लोगों में बड़े डाॅक्टर, कोचिंग सेंटर के हेड, किसी पुरस्कार की तमन्ना रखने वाले सोशल वर्कर, अपना जनाधार बढ़ाने के इच्छुक लोकल लीडर, आध्यात्मिक कार्यक्रम करने वाले मोटिवेशनल गुरू आदि हो सकते हैं. थोड़ा सोचेंगे तो यह लिस्ट काफी बड़ी हो सकती है.
रेगुलर न्यूज के अलावा कवर की जाने वाली चीजें
आपके वीडियो घर में होने वाले बर्थ-डे, मैरिज, एनिवर्सरी या पास-पड़ोस में होने वाले कोई भी कल्चरल प्रोग्राम के भी हो सकते हैं और किसी ऐसी घटना के भी, जिस पर राह चलते आपकी नजर पड़ गई हो. आप पहले से प्लान करके किसी का पर्दाफाश करने वाले वीडियो भी बना सकते हैं और ऐसे लोगों या जगहों पर भी, जिनके बारे में आपको लगता है कि सबको उनका पता होना चाहिए. इसके अलावा भी ऐसे बहुत सारे विषय हैं, जिन्हें आप अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं और हमें भेज सकते हैं, जैसे कि घर में या पार्क में खेलते बच्चे, सड़क पर लड़ते लोग आवारा जीवजंतु, ट्रेन की खिड़की पर बैठे-बैठे बाहर के नजारे, घर-मोहल्ले में होने वाले फेस्टिवल, टूरिस्ट स्पाॅट्स पर शूट किए गए वीडियोज या किसी पार्क, मेले अथवा जू में होने वाली गतिविधियां.
बस आपको यही ध्यान रखना है कि आपके वीडियो किसी की प्राइवेसी या डिग्निटी पर अटैक न करें, किसी की इमोशंस को हर्ट न करें. हाँ, जो खुलेआम गलत हो रहा है, पब्लिक प्लेसेज पर किया जा रहा है, अगर आपको लगता है कि दुनिया को उसके बारे में जानना चाहिए तो आप उसे www.aks24X7.tv  के लिए भेज सकते हैं. बाकी काफी कुछ अंदाजा, आपको इस चैनल पर अभी तक डाले गए वीडियो को देखकर भी लग सकता है.

एक बार आपका वीडियो बनकर तैयार हो जाए तो फिर आप उसे हमें व्हाट्स एप्प,  ई-मेल या यू ट्यूब के जरिए भेज सकते हैं. वीडियो बनाने और पोस्ट करने से जुड़ी टिप्स के लिए हमने एक मोबाइल जर्नलिस्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम  तैयार किया है.  अगर आप मिशन मोजो ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत दो सप्ताह की फ्री आॅनलाइन ट्रेनिंग लेना चाहते हैं तो अपना नाम, उम्र, शहर का नाम, पिनकोड के साथ मिशन मोजो लिखकर हमें 9579097950 पर व्हाट्स एप्प करें.  आपको ट्रेनिंग के शेड्यूल की जानकारी भेज दी जाएगी.

Email :  amenincorps@gmail.com

Website : www.amen.studio (under construction )

 

 

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