sirf sach…nothing else !

Delhi Express

दिल्ली-NCR  में प्रदूषण अब नही घोंटेगा दम, 20 दिन पहले शुरू हुई तैयारी

Photo credit : Pixabay
Photo credit : Pixabay

इस बार प्रदूषण सर्दी में दिल्ली-एनसीआर का दम नही घोंट सकेगा इसके लिए पहले ही तैयारी हो चुकी है। पिछले साल आबोहवा सुधारने से जुड़े नियम लागू करने में कमी दिखी थीं,जिससे लोगों का दम पूरे मौसम तीन बार घुटा। इस बार सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त कमिटी EPCA ने NCR के शहरों में पहली बार जाकर वहां के हालात का जायजा लिया। साथ ही प्रदूषण के निवारण के लिए अमल में आने वाले GRAP नियमों पर सभी कन्फ्यूजन दूर किए हैं। 15 अक्टूबर से हवा में प्रदूषक तत्वोंPM10 और PM2.5 की मात्रा लिमिट से ज्यादा होने परGRAP नियम अपने आप लागू हो जाएंगे और कई ऐहतियाती कदम उठेंगे। इनमें ऑड-ईवन स्कीम लागू करने की भी बात है।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

thumb2

दशहरे में बेशक अभी काफी दिन बाकी हैं,लेकिन टैगोर गार्डन के पास तितारपुर में अभी से रावण के पुतले बनाने की तैयारी शुरू हो गईहैं। सड़क किनारे फुटपाथ पर दूर-दूर तक रावण के पुतले बनाने वाले कारीगर आपको दिखाई देंगे। वे पिछले कई दिनों से पुतले बनाने में व्यस्त हैं। इस बाजार में आपको 5 से लेकर60 फुट तक का रावण का पुतला आसानी से मिल जाएगा। यहां बनाए जा रहे रावण के पुतले सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहते,बल्कि देश-विदेश तक जाते हैं। यह दिल्ली की सबसे बड़ी और पुरानी पुतला मार्केट है। करीब35 से 40 साल से यहां रावण के पुतले बनाने का काम हो रहा है।लेकिन टैगोर गार्डन के इलाके में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहे कारीगरों का कहना है कि इस साल उन्हें मंदी का डर सता रहा है। महंगाई भी आसमान पर है। रावण के पुतले बना रहे कारीगर सागर ने बताया कि इस साल पूर्वी इलाकों में आए बाढ़ के कारण बांस के रेट में काफी उछाल देखने को मिल रहा है। जो बांस के गट्ठे पहले 500 से ₹700 में आते थे, वह2000-2500 रुपये तक में आ रहे हैं। इससे महंगाई डबल से ज्यादा हो गई है। कागज और बाकी समान पर भी महंगाई की मार पड़ा रही है। इस साल बनाए जा रहे पुतले बजट से बाहर है और अभी तक ग्राहकों के ऑर्डर भी कम आए हैं। वहीं कारीगरों का यह भी कहना है कि इस साल अभी तक मौसम तो साफ है,लेकिन अगर बरसात होती है तो इन पुतलों को बनाने में जितनी मेहनत लगती है, सारी दोबारा करनी पड़ती है। पुतला बनाए जाने के बाद उन पर लगे कागज और कलर भीगने से खराब हो जाते हैं। इसके लिए दोबारा से मेहनत करनी पड़ती है। पुतले बनाकर सड़क के किनारे या फुटपाथ पर ही रखे जाते हैं। इस दौरान बरसात होती है तो पुतले भीग कर खराब हो जाते हैं। उस दौरान हम सभी लोगों का सिर्फ एक ही सहारा है कि हम मेट्रो के छज्जे के नीचे इन पुतलों को खड़े कर देते हैं। आपको बता देंसाउथ एमसीडी ने पुरानी जगह पर पुतले बनाने की परमिशन भी नहीं दी हैं,कई सालो से लगातार तितारपुर इलाके में रावण के पुतले बनाने वाले कारीगर इस साल बेहद परेशानइसलिए भी हैं क्योंकि एसडीएमसी ने इस साल यहां पुतले बनाने की परमिशन नहीं दी हैं। साउथ एमसीडी ने पुतले बनाने वाले कारीगरों के लिए सुभाष नगर के बेरी वाला बाग़ इलाके के एक पार्क में जगह दी है। कारीगरों का कहना है कि पिछले साल भी एमसीडी ने पुतले तोड़ दिए थे। इससे कारीगरों का काफी नुकसान हुआ था। जिस बजहा से कई कारीगर तो आज भी कर्जे में डूबे हुए हैं। पुतला बनाने वाला एक कारीगर ने बताया कि उसका पिछले साल डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हो गया,क्योंकि उसने लोन पर पैसे लेकर पुतले बनाने का काम शुरू किया था और एमसीडी ने पुतलों पर बुलडोजर चला दिया था।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

ईस्ट दिल्ली में कूड़ा बना लोगो की मुसीबत,रोजाना लग रहे ढेर

thumb2

यमुनापार में गंदगी का कहेर दिन प्रतिदिनबढ़ता जा रहा है, जिस वजह से पब्लिकपरेशान होने लगई है। ईस्ट एमसीडी पर काबिज लीडर सफाई कर्मचारी नेताओं की मान-मनोव्वल में लगे हुए हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकल पा रहा है। रोजाना करीब 500 से 600 मीट्रिक टन कूड़ा इलाकों में पड़े रहने से बैकलॉग बढ़ता जा रहा है, जिससे वो सड़ने लगा है। ईस्ट दिल्ली में रोजाना 2600 मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा जनरेट होता है, जिसका मुहर्रम और गणेश पूजा की वजह से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है। सफाई कर्मचारियों की 10 दिन से चली आ रही हड़ताल की वजह से अब कूड़ा कम उठ रहा है। ईस्ट एमसीडी के एक अफसर के मुताबिक, रोजाना करीब 500से 600 मीट्रिक टन एरिया में छूट रहा है। इसी कूड़े से गंदगी बढ़ रही है।जानकारीके मुताबिक, यमुनापार की फिजा बिगाड़ने के लिए महज 100 मीट्रिक टन बिखरा कूड़ा काफी है। लेकिन ऑटो टिपरों के चलने से हम काफी हद तक कूड़ा उठाने में सफल हुए हैं। हड़ताल की वजह से सफाई नहीं हो पा रही है और कूड़ा रिक्शों से ढलाव घर तक नहीं पहुंच रहा है।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

thumb3

द्वारका सबसिटी में बसने वाले लोगों का सपना अब पूरा होने वाला हैं। बता दें द्वारका मेंडीडीए के लगभग 4490फ्लैट्स बन कर तैयार हैं। इनमें से ज्यादातर फ्लैट्स एमआईजी कैटिगरी के हैं। ये फ्लैट्स डीडीए की अगली हाउसिंग स्कीम में शामिल किए जा सकते हैं। पहले दावा किया जा रहा था कि इन फ्लैट्स को 2018 की बजाय 2019 की हाउसिंग स्कीम में शामिल किया जाएगा। लेकिन अब 2018 की स्कीम लेट होने की वजह से इन फ्लैट्स को आगामी स्कीम में ही शामिल करने की तैयारियां की जा रही हैं। इन फ्लैट्स में एलआईजी के फ्लैट्स की संख्या काफी कम होने की वजह से लोअर मिडल इनकम करने वाले कुछ लोगों को मायूसी भी होगी। एलआईजी के सिर्फ288 फ्लैट्स ही तैयार किए गए हैं। ये फ्लैट्स द्वारका के अलग-अलग सेक्टरों में तैयार किए जा रहे हैं। इसमें सबसे अधिक फ्लैट्स एमआईजी कैटेगिरी के हैं। इन फ्लैट्स की संख्या 1610है। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 1462 फ्लैट्स तैयार किए जा रहे हैं। एचआईजी के लिए 1130फ्लैट्स पर काम चल रहा है। डीडीए अधिकारियों के अनुसार, ये फ्लैट्स इस साल दिसंबर तक तैयार हो जाएंगे। ऐसे में अगर डीडीए की आने वाली हाउसिंग स्कीम दिसंबर के बाद आती है तो इन फ्लैट्स को इसी स्कीम में शामिल कर लिया जाएगा। डीडीए अधिकारियों के अनुसार, स्कीम को लॉन्च न करने की सबसे बड़ी वजह यह है कि डीजेबी फिलहाल पानी के कनेक्शन नहीं दे रहा है। पानी की कमी के बिना डीजेबी पानी के कनेक्शन देने को तैयार नहीं है।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

हरियाणा फ्रेश से जोडे जा रहे हैं तीन और जिले

File Photo (Sourse : Internet)
File Photo (Sourse : Internet)

हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से अब तीन और जिलों को गुड़गांव से जोड़ा जा रहा हैं। जिसमें पलवल, झज्जर व मेवात का नाम शामिल है। इन जिलों में जल्द ही हरियाणा फ्रेश का आउटलेट खुलेगा। इन जिलों में आउटलेट खोलने का काम भी गुड़गांव के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। हालांकि इसमें संबंधित जिले के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के अनुसार गुड़गांव का प्लान हेडक्वॉर्टर को सौंपा गया था। जिसमें किन जगहों में आउटलेट खोले गए हैं और कहां-कहां खोले जाने हैं यह जानकारी दी गई थी की प्लान में यह भी दर्शाया जाएगा कि किन जगहों में आउटलेट खोले जाने से ग्राहकों की संख्या ज्यादा होगी। प्लान में प्रचार-प्रसार का तरीका भी दर्शाया गया था। डिस्ट्रिक्ट हॉर्टिकल्चर ऑफिसर दीन मुहम्मद ने बताया कि गुड़गांव के बाद इन जिलों में भी आउटलेट खोलने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके लिए जल्द ही उन जिलों के अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

नमाज़ को लेकर विवाद

file photo : pixabay
file photo : pixabay

हरियाणा के गुरुग्राम में एक बार फिर नमाज़ को लेकर विवाद सामने आया है। बता दें यह मामला गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी में स्थित मस्ज़िद को लेकर पिछले सप्ताह से चल रहा था। जिसके बाद अब नगर निगम ने मस्ज़िद को सील करने का फैसला किया है,ये मस्ज़िद तीन मंजिला बिल्डिंग में बनी हुई थी. दानकारी का मुताबिक यहां पर नमाज़ को लेकर काफी विवाद हुआ था। हिंदू संगठनों ने कुछ दिनों पहले ही इसको लेकर शिकायत दर्ज भी कराई थी।जिसके बाद से ही इलाके में माहौल गर्माया गया हैं।हिंदू संगठनों की शिकायतों को देखते हुए ही शीतला कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अब प्रशासन ने मस्ज़िद को ही सील करने का फैसला भी ले लिया है।दरअसल, हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह एक घर है और इसका इस्तेमाल मस्ज़िद के तौर पर किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ तौर पर इसको नियमों का उल्लंघन बताया है,साथ ही यहां रोज़ाना सैकड़ों लोग आते हैं, लाउडस्पीकर से होने वाली अज़ान से भी लोगों को परेशानी होती है। बता दें इस इलाके में पहले भी इस मुद्दे को लेकर विवाद हो चुका है। विवाद के बाद से ही यहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है। हाल ही में गुरुग्राम के सेक्टर-53 में भी कुछ लोगों ने जोर से नमाज़ पढ़े जाने का विरोध किया था जिसके बाद प्रशासन नमाज पढ़ने के लिए 37 जगहों का चयन किया था।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

दिल्ली सरकार की मंजूरी से बढ़ाया जा रहा है मेट्रो किराया,फिर विपक्ष पर हमला क्यों कर रहे है : केजरीवाल

thumb2

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली मेट्रो और दूसरे ट्रांसपोर्ट साधनों को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आज उन्हीं की भाषा में करारा जवाब दिया है। हरदीप सिंह ने पहले ट्वीट में कहा, मेरा सौभाग्य है कि आपके शासनकाल में मुझे पहले एक सामान्य नागरिक और अब एक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने शहर दिल्ली एवं देश की जनता की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है। नि:संदेह दिल्ली मेट्रो यहां के लोगों की लोकप्रिय सवारी है। आपको बता दें यह ट्वीट उन्होंने केजरीवाल के मेट्रो का किराया बढ़ाए जाने के संबंध में किया और वही केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि मेट्रो का किराया बढ़ाया जाना ठीक नहीं है। बता दें इससे पहले हरदीप सिंह ने हाल ही में दिल्ली मेट्रो के यात्रियों की संख्या में पिछले कुछ सालों में कमी आने की रिपोर्ट को गलत तथ्यों पर आधारित बताया था। हरदीप सिंह ने उल्टे दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर अपना निशाना साधते हुए कहा कि अगर ऐसी कोई आशंका है, जिसके तहत मेट्रो अपनी क्षमता के मुताबिक यात्रियों को परिवहन सुविधा नहीं दे पा रही है तो इसकी वजह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। इसके साथ ही हरदीप सिंह ने कहा कि दिल्ली जैसा बड़ा शहर सिर्फ एक साधन पर निर्भर नहीं रह सकता। इसलिए मेट्रो के साथ-साथ डीटीसी और आरआरटीएस पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सरकार उन्हें मेट्रो फेज-4 और आरआरटीएस को स्वीकृति दे तो दिल्लीवासियों के जीवन में बदलाव आ सकता हैं।

गुड़गांव के ऑफिस में विदेशीमहिला से हुई छेड़छाड़

rape

साइबर हब स्थित एक निजी कंपनी में महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। ऑफिस में ही अपने सीनियर पर पीड़िता ने यह आरोप लगाते हुए शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने बताया कि दुनिया की चार बड़ी अकाउंटिंग फर्म में से एक का दफ्तर गुड़गांव में है। अमेरिका की महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि ऑफिस में उसका सीनियर उसके काम को लेकर बेवजह परेशान करता है। उस पर तरह-तरह के कमेंट करता है। कई बार उसके साथ छेड़छाड़ की गई। अकाउंटिंग फर्म अर्नस्ट एंड यंग कंपनी की इंटरनल कमिटी ने शिकायत की जांच की। जांच में पाया कि आरोपित ने कई बार आपत्तिजनक कमेंट किए। कमिटी की जांच रिपोर्ट व पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-51 महिला थाना पुलिस ने सोमवार देर शाम मामले में एफआईआर दर्ज की है। बोकन ने कहा कि छानबीन की जा रही है।

एक पोल गिरने से बिगडया पूरे टैफिक का पूरा सिसटम

thumb

अवतार एनक्लेव के एंट्री पर लगे ट्रैफिक सिग्नल का पोल गिर जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसे गिरे 15 दिन से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे ठीक नहीं कराया जा सका है।शिकायत के बाद भी प्रशासन इस पर कोई एक्शन लेने के लिए तैयार नहीं है।रोहतक रोड से अवतार एनक्लेव तक पहुंचना काफी मुश्किल भरा काम हो गया है। पीक आवर में यहां जाम की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्लन गिरने के बाद ही इसकी शिकायत की गई थी। लंबे समय बाद भी सड़क किनारे गिरे ट्रैफिक सिग्नल को हटाया नहीं जा सका है और न ही इसकी मरम्मत करवाई गई है। ऐसे में लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। इस रोड से पश्चिम विहार और मादीपुर की कॉलोनियों के लोगों का आना-जाना लगा रहता है। रोजाना इस सड़क से हजारों लोगों का गुजरना होता है। यहां के निवासी रोहतक रोड तक पहुंचने के लिए इसी रोड का उपयोग करते हैं। ऐसे में टूटे सिग्नल पर यहां की ट्रैफिक व्यवस्था खतरनाक साबित हो रही है। लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है,लेकिन अभी तक कोई सुध लेने वाला नहीं है। लोगों का कहना है कि यहां कई हादसे हो चुके हैं। गनीमत यह है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है।

By  Yashasvi Aggarwal  from New Delhi-110051

Like(0)Dislike(0)