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सुल्तानपुर एक्सप्रेस: पहलवान वीर बाबा की मजार

पहलवान वीर बाबा की मजार

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सुल्तानपुर : सुल्तानपुर के पयागीपुर चौराहे के पास सरकारी आईटीआई कॉलेज के पीछे एक पहलवान वीर बाबा जी की मजार है, जो कि सामाजिक-साम्प्रादायिक सद्भाव की एक जीती-जागती मिसाल है।यहाँ वीर बाबा की याद में हर गुरुवार एक मेला लगता है। मेले में बाबा जी की समाधि पर लोग फूल,मिठाई, चादर चढ़ाते हैं और अपने व अपनों के लिए दुआ माँगते हैं।लोगों का मानना है कि वीर बाबा सब की दुआ कबूल भी करते हैं।मेले में बच्चे ,बूढ़े,महिलाएं सब आते हैं और बाबा जी की समाधि पर माथा टेकते हैं, जो चादरों और फूलों से सजी रहती है. प्रतिदिन बाबा जी के दर्शनों के लिए लोगों का आना- जाना लगा रहता है। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि बाबा जी की आत्मा आज भी इस जगह पर उपस्थित रहती है।

By Saurabh Pandey from Sultanpur (U.P.) 228001

श्री राम  पुत्र कुश की राजधानी 

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सुल्तानपुर (20/10): शहर के पास ही सीताकुंड नामक एक जगह है. इसके बारे में मान्यता है कि वनवास के समय श्री राम चन्द्र जी माता सीता और अपने भाई के साथ एक रात यहाँ पर रुके थे। मंदिर के निकट ही गोमती नदी बहती है,जिसे आदि गोमती के नाम से जानते है। सुल्तानपुर श्री राम चंद्र के पुत्र कुश की राजधानी का भाग भी रहा है।  इसे कुशभवन के नाम से भी जाना जाता है। लोगों का ये भी कहना है कि गुरु नानक भी अपने अनुयायियांे के साथ एक रात यहाँ पर रुके थे। आपयहाँ पर कुश जी, शनि देव ,हनुमान जी की मूर्ति देख सकते है। तुलसीदास जी ने अपने रामचरित मानस में इस जगह का जिक्र किया है।पूजा करने और घूमने के लिए यह एक उत्तम जगह है।

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  हर मनोकामना पूरी करते है खाकी बाबा

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सुल्तानपुर (18/10): सुल्तानपुर -अमेठी बोर्डर पर खाकी बाबा जी का मन्दिर जो की पीपरपुर सड़क और भादर सड़क के बीच ये मंदिर है। बाबा ज़ी सब की मन की बाते सुनते है।यह पर पंडाल,पूजा,जो लोग यहा पर उनके लिए रुकने और पूजा करने की शुविधा है।यहाँ पर हर देवी देवता का मंदिर है।इस समय श्री राम जी का पाठ यहा पर हो रहा है।बाबा जी सब पर अपनी कृपा बनाये रहते है-

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जय पहलवान वीर बाबा की

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सुल्तानपुर (18/10): पहलवान वीर बाबा के नाम से ये मन्दिर जो की भादर और छिड़़ा के बीच बैरघाट नाम के गांव में एक पूल के निकट है। हर जाति के लोग यहाँ पूजा करने आते है।बाबा जी की पादुका आज भी है लोग इस पादुका की पूजा करते है।दुर्गा पूजा विसर्जन के समये यहाँ पर मेला का आयोजन होता है।गाँव के लोग बैरघाट धाम के नाम से जानते है।धाम के पास से एक नदी और जगलो से घिरा बाबा जी का धाम को देखने के लिए दूर दूर लोग आते है-

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शहीदों की यादों को जीवित रखता आजाद पार्क

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सुल्तानपुर (11/10):  बस स्टॉप से 20मी. की दूरी पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की याद में बना आजाद पार्क. जनता , विद्यार्थियों और सरकार के सहयोग से आजाद और दूसरे शहीदों की यादों को जीवित रखने के उद्देश्य से, 1980 में इस पार्क की  नींव  रखी गयी. हर शाम सूर्यास्त के बाद, इस पार्क का नजारा देखने लायक होता है। शाम होते ही इस पार्क को देखने के लिए लोगों का आना शुरू हो जाता है और वे लाइट और पानी के फौवारे के बीच से चंद्रशेखर आजाद जी की प्रतिमा के दर्शन कर रोमांचित होते हैं.

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देवी माता के अनेक रूपों को देखना है तो यहाँ आइए

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सुल्तानपुर (10/10):  नवरात्रों के अवसर पर देवी की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देते हुए सुल्तानपुर के कलाकार. देवी माता के अनेक रूपों को देखना है तो कोलकाता के बाद आप सुल्तानपुर आइए. यहाँ पर कलाकारांे ने अपनी कला को अनोखा रूप दिया है. यह मेला दशहरा के बाद से शुरू हो जाता है और लगभग 5 से 6 दिन चलता है. इस मेले मे लाखों लोग दूर दूर से माता के दरबार मे आते हैं. माटी के अलावा दनो ,सिको, आदि से बनी मूर्तियां जो देखते हैं, तो यह मेला भुला नही पाते हैं.

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कवि व समाजसेवी इंजीनियर सौरभ पांडे

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सुल्तानपुर (10/10):  सुल्तानपुर के अखिल भारतीय समान कुसिनगर उत्तर प्रदेश द्वारा  समान पा चुके सौरभ पांडेय जी ऐसे कई अवार्डों से समाज मे अपनी एक पहचान बना चुके है जब ये 16 वर्ष के थे तब ले लिखते आ रहे है बालहंस, सुमन सौरभ ,नंदन, औऱ जिला के अखबारों में लिख चुके है,अपने लेखों के साथ साथ डांस , गाना और फुटबॉल का सौक रकते है।तीन भाइयों में सबसे बड़े है। समाज सेवा और राजनीतिक गुण भी है।ये एक इंजीनियर भी है।लोगो के साथ अपना प्रेम सदैव बनये रखते है.

by Vinay Tiwari from Amethi (U.P.)

माता मवई के दर्शन 

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सुल्तानपुर (09/10):  से गौरीगंज रोड पर लगभग 35 कि मी दूरी पर स्थित आस्था का एक केंद्र माता मावई का धाम है, जहाँ माँ का दर्शन करने और अपने दुःख दर्द दूर करने के लिए देश के कोने कोने से लोग आते है । कुछ लोग ये बताते हंै कि कुछ वर्ष पहले यहाँ जब भर राजाओं का राज था तो वे उनकी एक कुल देवी माँ दुर्गा को मानते थे। तब जेठू मवई गांव में रामबख्श की पत्नी मालती के ऊपर माँ दुर्गा जी कृपा हुई। आज भी आपको गांव के दक्षिणी दिशा की ओर भर राजाओं के किले के अवशेष देखने को मिल जाएंग। यहाँ मंदिर का दायित्व संभाल रहे, पंडित जी ने बताया कि नवरात्र में जेठू गांव में भक्तों का आना जाना लगा रहता है और रोज सुबह 5 बजे से ही माता की पूजा होने लगती है।

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रंग ला रही है किसानों की मेहनत

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सुल्तानपुर (08/10):  खेतों में धान की फसल इस समय हर तरफ देखने को मिलेगी.  ये लहराते हुए फसले  देख कर हमारा किसान वर्ग खुश हो जाता है कि किसानों की मेहनत रंग ला रही है.

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सुल्तानपुर (08/10):  पास की रामगंज जगह पर आई आधी के कारण पेंड गिर गया है जो कि सिंचाई विभाग के अंतनगत आता है लेकिन विभाग को अबी तक पता नही चला जैसे ये पेड़ किसी के खेतो में गिरा है ।  किसानों की खेत को नुकसान  हो रहा है।

By Saurabh pandey from Sultanpur (U.P.) 228001

लघु सभा में  किसानों ने रखी अपनी बात

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सुल्तानपुर (08/10): आज कांग्रेस की एक लघु सभा में   किसानों की समस्या को सुना गया   किसानों ने अपनी बातें रखी.

पिम एक्जीक्यूटिव्स ने सुनी किसानों की समस्याएं

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सुल्तानपुर (08/10): गांव गांव जा कर सिंचाई विभाग सुल्तानपुर के पिम एग्जीक्यूटिव के लोग गांव वालों की सिंचाई से सबन्द जानकारी और उनकी दिकतो को सुनते हुए पिम एग्जीक्यूटिव मनीष सुक्ला, मनीष शर्मा जी. सिंचाई का पानी समय समय पर नहर ना मिलने के कारण किसान को दिकत आती रहती है धान की फ़सलो पानी की ज़रूरत रहती है लोगो को पानी की अति आवश्कता होती है.

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एक शाम शहीदों के नाम

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पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ नामक काव्यांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहीदों के परिवारजनो को सम्मानित किया जायेगा. आयोजन मे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि होंगे.

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सुल्तानपुर मे दुर्गा पूजा के अवसर पर पंडालो की सजाने की तैयारी शुरू हो गई है. अगले सप्ताह इनमें मां दुर्गा की मनोहारी प्रतिमाएं प्रदर्शित की जाएंगी.

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मूर्ति विर्सजन कल

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सुल्तानपुर शहर में पचरस्ता की तरफ गणेश भगवान की मूर्ति सभी भक्तों और आने-जाने वालों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. शहर में , दिनांक 24-09-2018 सोमवार को रखा गया है.

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जादूगर शहंशाह के जादुई कारनामें

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सुल्तानपुर के पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आज से सुप्रसिद्ध जादूगर शहंशाह के जादुई कारनामों के शो शुरू हो गए हैं, जिनमें दर्शकों को एक से बढ़कर एक हैरान कर देने वाले कमाल देखने को मिलेगा. कार्यक्रम एक माह तक चलेगा. रविवार को तीन और बाकी दिन दो शो में जादू के खेलों का मजा लिया जा सकेगा.

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सवर्ण समाज के लोगों ने हड़ताल की

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आज तिकोनेया पार्क सुल्तानपुर मे  सरकार से sc/st एक्ट वापस लेने की मांग को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने हड़ताल की.

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रंगदारी पड़ी भारी

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सुल्तानपुर में कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शारदा सिंह उर्फ राजाबाबू, निवासी रामनगर कोट के बारे में चैंका देने वाली बातों का खुलासा हुआ है.
मृतक सुल्तानपुर में हाल ही में राजपूत करणी सेना का जिला अध्यक्ष बने मुन्ना सिंह रामनगर इमिलिया का भाई है, जिसके बारे में बताया गया है कि वह अपने साथियों सहित कबरी प्रधान जयप्रकाश निषाद के यहां रंगदारी मांगने गए था.

बताया जाता है कि वहाँ उन्होंने निषाद की माता को पीटा, जिससे वह बेहोश होकर गिर गई. उन्हें मरा समझकर गाँववालों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया. पिटाई में राजाबाबू की मौत हो गई और उनके तीन साथियों को बंधक बना लिया गया.

पीएसी ने वहाँ पहुँचकर लाश को अपने कब्जे में ले लिया और गांव में सुरक्षा के उपाय किए है. अटकलें हैं कि मृतकों की सख्या चार हो सकती है.

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स्वर्ग से धरती पर लाया गया कल्प नाम का पेड़

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सुल्तानपुर जिले मे रेलवे स्टेशन से 1 कि. मी. की दू री पर उत्तर की ओर एक कल्प नाम का पेड़ है. लोग कहते है की ये पेड़ महाभारत काल का है,  जिसे अर्जुन ने अपनी माता जी की पूजा के लिए स्वर्ग से धरती पर लाया गया था. आज भी लोग इसकी पूजा करते है.

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